2019 चुनाव / एनडीए को बाय-बाय करने में मूड में रालोसपा, बदहाल कानून व्यवस्था पर देगी धरना

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जनपथ न्यूज़ पटना.  रालोसपा एनडीए को बाय-बाय करने में मूड में आ गई है। जदयू के दुबारा एनडीए में आने के बाद से ही रालोसपा खुद को एनडीए में सहज महसूस नहीं कर रही है।

राज्य सरकार पर पार्टी लगातार सवाल उठा रही है। शिक्षा के सवाल पर लगातार अभियान चला रही है। शिक्षा सुधार मानव कतार बनायी। इस कतार में राजद का साथ मिला। एनडीए को छोड़ महागठबंधन में शामिल होने की चर्चा लगातार हो रही है। 13 अक्टूबर को बिहार में बढ़ता अपराध और गिरती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते धरना देने की घोषणा ने एनडीए से दूरी बढ़ने की चर्चा को मजबूती दे दी है।

 

राज्य सरकार से जतायी नाराजगी
रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जतायी है।

मुजफ्फरपुर में बच्चियों से दुष्कर्म ओर हत्या मामले उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था इस प्रकार की घटना के बाद उनके मुंह से सहसा निकल गया भगवान बिहार को क्या हो गया है। अपराध थम नहीं रहा है। उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ कर दूसरे को काम करने का मौका देने का भी अनुरोध किया था।

13 को एनडीए सरकार के खिलाफ सीधा हमला 
बिहार में एनडीए सरकार के खिलाफ सीधा हमला 13 अक्टूबर को दिखेगा। युवा रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पटेल और मुख्य प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि बढ़ते अपराध गिरती कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए राजधानी में धरना होगा।

रालोसपा का आरोप है कि हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध् बढे़ हैं। लोगों में डर और दहशत का माहौल है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं की भी हत्या हो रही है।

इसके पहले पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि और अन्य वरिष्ठ नेता भी राज्य सरकार खास कर मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देते रहे हैं। रालोसपा नेताओं का दावा है कि कोईरी समाज का 7 से 8 प्रतिशत वोट उपेंद्र कुशवाहा के साथ है।

यह है रणनीति
रालोसपा इस रणनीति पर काम कर रही है एनडीए दरकिनार करे तो महागठंधन में रास्ता खुला रहे। पैगाम ए खीर कार्यक्रम के जरिए भी समाज में यादव और कोईरी, अतिपिछड़ा और दलित की गोलबंदी का प्रयास शुरू किया है।

खुद उपेंद्र कुशवाहा ने खीर बनाने के लिए यदुवंशियों से दूध, कुशवंशियों से चावल, अतिपिछड़ा समाज के मंचमेवा और दलित समाज से तुलसी दल और सवर्ण समाज से चीनी लेने की बात की थी। मुसलमान भाई के दस्तरखान पर बैठक खीर खाने की बात उपेंद्र कुशवाहा ने सभी वर्ग को साधने की कोशिश के साथ ही राजद से निकटता का भी संदेश दे दिया था। राजद ने भी उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंन में शामिल होने का न्योता दे दिया है।

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