पुल पर प्रशासन ने मरीजों को दी राहत पर जहाज पर बढ़ी भीड़, ओवरलोड की निगरानी नहीं

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जनपथ न्यूज़ भागलपुर.  विक्रमशिला पुल के बंद होने के तीसरे दिन रविवार को प्रशासन ने पुल पर 100 मीटर हिस्से में चलने वाले मरीजों को राहत दी है। रेडक्रॉस ने पुल पर मरीजों को पार करवाने के लिए एक ट्राइसाइकिल, एक व्हील चेयर और एक स्ट्रेचर रखवा दिए हैं।

 

जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती से पुल पर ट्रैफिक भी स्मूथ चल रहा है। लेकिन इस बीच नवगछिया तिनटंगा से कहलगांव के बीच गंगा में चल रहे जहाज पर लोगों की बढ़ती भीड़ ने प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है।

 

रोजाना नवछिया-कहलगांव और भागलपुर तक बाइक लाने वाले लोगों की भीड़ तिनटंगा घाट पर चार गुना तक बढ़ गई है। इस भीड़ को नियंत्रित करने और जहाज को ओवरलोड से रोकने के लिए फिलहाल अफसरों ने कोई योजना नहीं बनाई है।

 

जिम्मेदारों ने तो जहाज पर ओवरलोड रोकने के लिए किसी अफसर को लगाया और न ही पुलिस तंत्र से ही किसी जवान की तैनाती की। ऐसे में जहाज के ओवरलोड होने की आशंका बनी हुई है।

 

मजिस्ट्रेट जरूरत के हिसाब से मरीजों को देंगे सुविधा
दो दिनों से मरीजों को पुल पार करने में हो रही परेशानी पर जिला प्रशासन की उजागर हो रही वादाखिलाफी के बाद तीसरे दिन प्रशासन जागा। रेडक्रॉस से अफसरों पुल पर एक ट्राइसाइकिल, एक व्हील चेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था करवाई।

 

बाइक सवारों को वापस किया
सुबह से ही पुल पर लोगों की आवाजाही शुरू हुई तो साइकिल सवारों के अलावा सभी को 100 मीटर के मरम्मत वाले हिस्से को पैदल पार करना पड़ा।

 

दोपहर तक व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रही, लेकिन शाम ढलते ही विक्रमशिला टीओपी और जाह्नवी चौक की ओर तैनात मजिस्ट्रेट को बाइक सवारों की बेरुखी का सामना भी करना पड़ा। एक-दो तो बाइक भगाते हुए पुल पर घुस भी आए। हालांकि पुलिसकर्मियों ने खदेड़ा और पकड़कर पुल से वापस ले गए।

 

तीन दिन में नहीं उखड़ सका एक्सपेंशन गैप
पाया नंबर 2-3 के बीच एक्सपेंशन ज्वॉइंट को उखाड़ने का काम तीन दिनों से चल रहा है। सुबह से रात 1 बजे तक शिफ्टों में काम होना था, लेकिन रविवार को उससे पहले ही काम बंद कर दिया गया। करीब डेढ़ दर्जन मजदूरों को रविवार को लगाया गया, लेकिन स्लैब के दोनों ओर लगे एक्सपेंशन ज्वॉइंट को नहीं उखाड़ा जा सका।

 

पुल निगम की शनिवार को दी गई चेतावनी के बाद ठेका एजेंसी ने रात में ही पुल पर लाइट्स लगा दी। सभी सामान भी मंगवा लिए। ठेका एजेंसी के प्रोजेक्ट इंजीनियर धर्मेंद्र ने बताया कि दरार में केमिकल डालने के बाद कार्बन प्लेट लगाई जाएगी। सस्पेंडेड स्लैब के दोनों क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन ज्वाइंट का काम 5 अक्टूबर तक पूरा होगा।

 

नवगछिया के तिनटंगा औरर कहलगांव के बीच 200 लोग रोज हो रहे हैं पार
नवगछिया तिनटंगा घाट से पिछले 5-6 माह से रोजाना गंगा में जहाज चल रहा है। सुबह 8 बजे पहला फेरा लगाने वाले इस जहाज पर अमूमन 30 लोग और 20 बाइक तिनटंगा से कहलगांव जाते थे। ऐसे में दिनभर में नवगछिया-कहलगांव के बीच 6 फेरा लगाने वाले इस जहाज पर रोजाना करीब 200 लोग और 120 बाइक गंगा पार कर रहे थे।

 

विक्रमशिला पुल बंद होने के बाद इस घाट पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। भागलपुर तक अपनी बाइक लेकर आने वाले लोग सीधे जहाज पर बाइक लाद कर कहलगांव जा रहे हैं। फिर सड़क के रास्ते भागलपुर तक का सफर हो रहा है।

 

ऐसे में अब इस जहाज पर एक फेरे में करीब 50 लोग और 20 बाइक पार हो रही है। घाट पर बढ़ रही लोगों की भीड़ को देखते हुए नवगछिया प्रशासन खामोश है। जिम्मेदारों ने यहां जहाज की मॉनिटरिंग और घाट पर सुरक्षा की व्यवस्था ही नहीं की। इससे खतरे की आशंका बनी हुई है।

 

होगी निगरानी
घाट और जहाज की निगरानी होगी। जहाज काफी समय से चल रहा है। फिलहाल तो ओवरलोड की स्थिति नहीं है।  मुकेश कुमार, एसडीएम, नवगछिया

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